Old Pension Scheme,क्या है नई पेंशन प्रणाली NPS और पुरानी पेंशन प्रणाली OPS

Old Pension Scheme,क्या है नई पेंशन प्रणाली NPS और पुरानी पेंशन प्रणाली OPS भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों ने नई और पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को लेकर एक लेख लिखा है. इसमें कहा गया है कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के मामले में कुल वित्तीय बोझ (Financial Burden) नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) यानी एनपीएस (NPS) का 4.5 गुना तक हो सकता है. इस लेख में कहा गया है कि पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करना हमारे लिए देश को पीछे की ओर ले जाने वाला कदम साबित हो सकता है. रिजर्व बैंक की इस स्टडी में कहा गया है कि ऐसा करने वाले राज्यों की वित्तीय हालत मीडिय से लॉन्ग टर्म की अवधि में अस्थिर हो सकती है

क्या है नई पेंशन प्रणाली NPS और पुरानी पेंशन प्रणाली OPS

केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) को 2004 में हटाकर राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू कर दी है. एनपीएस के तहत पेंशन राशि कुल जमा राशि और निवेश पर आए रिटर्न पर तय होती है. इसमें मूल वेतन और DA का 10 फीसदी कर्मचारियों को मिलता है और इतना ही योगदान राज्य सरकार भी देती है. एनपीएस शेयर बाजार पर केंद्रित है और इसका भुगतान बाजार के अनुसार होता है.

वहीं, पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) में कर्मचारी के रिटायर होने पर अंतिम माह में मिले वेतन की 50 फीसदी राशि उसे पेंशन के रूप में प्रतिमाह मिलती है. क्योंकि, OPS के तहत पेंशन राशि को बेसिक सैलरी और महंगाई दर से तय किया जाता है. इस राशि का भुगतान सरकारी खजाने से किया जाता है

KYA RAJASTHAN ME OPS LAAGU RAHEGI

इस लेख में कहा है कि हाल ही में राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने एनपीएस से ओपीएस की ओर स्थानांतरित होने की घोषणा की है. इसमें कहा गया है कि ओपीएस में अल्पकालिक आकर्षण है, लेकिन मध्यम से दीर्घकालिक चुनौतियां भी हैं.

KYA RAJASTHAN ME OPS BAND HO JAYEGI

राज्यों के ओपीएस पर वापस लौटने से वार्षिक पेंशन व्यय में 2040 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का सालाना सिर्फ 0.1 प्रतिशत बचाएंगे. वहीं उसके बाद उन्हें वार्षिक जीडीपी के 0.5 प्रतिशत के बराबर पेंशन पर अधिक खर्च करना होगा. लेख में कहा गया, “राज्यों द्वारा ओपीएस में कोई भी वापसी राजकोषीय रूप से अस्थिर होगी। हालांकि इससे उनके पेंशन व्यय में तत्काल गिरावट हो सकती है.”

OPS और NPS में क्या हैं 8 बड़े अंतर?

1- ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती. NPS में कर्मचारी के वेतन से 10% (बेसिक+DA) की कटौती होती है

2- पुरानी पेंशन योजना में GPF (General Provident Fund) की सुविधा है. NPS में जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की सुविधा को नहीं जोड़ा गया है.

3- पुरानी पेंशन (OPS) एक गारंटीड रिटर्न वाली पेंशन योजना है. इसका भुगतान सरकार की ट्रेजरी के जरिए किया जाता है. नई पेंशन योजना (NPS) शेयर बाजार और अन्य निवेशों पर आधारित है, इनकी चाल के आधार पर ही रिटर्न का भुगतान होता है.

4- पुरानी पेंशन OPS में रिटायरमेंट के समय अंतिम बेसिक सैलरी के 50 फीसदी तक निश्चित पेंशन मिलती है. NPS में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है. इसमें पेंशन आपके निवेश और उस पर मिले रिटर्न के आधार पर मिलती है.

5- पुरानी पेंशन योजना में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू होता है. NPS में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता लागू नहीं होता है.

6- OPS में सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन का प्रावधान है. NPS में सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन मिलती है, लेकिन योजना में जमा पैसे सरकार जब्त कर लेती है.

7- OPS में रिटायरमेंट के समय पेंशन प्राप्ति के लिए GPF से कोई निवेश नहीं करना पड़ता है. NPS में रिटायरमेंट पर पेंशन प्राप्ति के लिए NPS फंड से 40 फीसदी पैसा इन्वेस्ट करना होता है.

8- OPS में 40 फीसदी पेंशन कम्यूटेशन का प्रावधान है.    NPS में यह प्रावधान नहीं है. मेडिकल फैसिलिटी (FMA) है, लेकिन NPS में स्पष्ट प्रावधान नहीं है

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